Newborn care

सवा महीना कितने दिन का होता है, और डिलीवरी के बाद के 40 दिन कैसे बिताएँ

सवा महीना यानी सवा एक महीना: हिसाब से 37 या 38 दिन, पर डिलीवरी के बाद घरों में 40 दिन गिने जाते हैं। इसका मतलब, ये दिन कैसे बीतते हैं, और मदद कौन करे।

SevetuSevetu टीम की ओर से11 October 20265 मिनट

कवर: सवा महीना कितने दिन का होता है
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  1. सवा महीना कितने दिन का होता है
  2. सवा महीना क्यों माना जाता है
  3. इन 40 दिनों में आम तौर पर क्या होता है
  4. घर क्या संभाले, और डॉक्टर क्या
  5. जब घर से कोई न आ सके
  6. लोग क्या पूछते हैं
  7. स्रोत

सवा महीना कितने दिन का होता है

सीधा जवाब: डिलीवरी के बाद का सवा महीना 40 दिन का होता है।

हिसाब से देखें तो सवा का मतलब है एक और चौथाई, और महीना यानी 30 दिन। तो सवा महीना = 30 दिन + साढ़े सात दिन = 37 या 38 दिन। स्कूल का सवाल हो तो यही जवाब है।

पर घरों में डिलीवरी के बाद का सवा महीना ऐसे नहीं गिना जाता। वहाँ यह 40 दिन का होता है, और इसका अंत चालीसवें दिन या उसके आसपास नहान, नामकरण या पहली बार मंदिर जाने से होता है। डॉक्टरी परिभाषा थोड़ी आगे है: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) डिलीवरी के बाद के समय को 42 दिन का मानता है।1

गिनतीकितने दिन
हिसाब से (30 + 7½)37 या 38 दिन
घरों में, रिवाज़ से40 दिन
डॉक्टरी परिभाषा (WHO)42 दिन

अंग्रेज़ी में सवा महीने को the forty days after childbirth या postpartum confinement period कहते हैं।

सवा महीना क्यों माना जाता है

डिलीवरी के बाद माँ के शरीर को ठीक होने में समय लगता है, बच्चे का दूध पीना जमता है, और पूरे घर को नए बच्चे की आदत पड़ती है। उत्तर और पश्चिम भारत के घरों में इसी समय को सवा महीना या जापा कहते हैं, और इसीलिए इन दिनों के लिए रखी जाने वाली औरत को जापा मेड कहा जाता है।

यह गिनती सिर्फ़ हमारी नहीं है। WHO की डिलीवरी के बाद की देखभाल की सलाह भी इन्हीं पहले छह हफ़्तों के आसपास बनी है।2 चीन में भी डिलीवरी के बाद एक महीना आराम करने का रिवाज़ है, जिसे ज़ुओ युएज़ी यानी "महीना बैठना" कहते हैं।3

इन 40 दिनों में आम तौर पर क्या होता है

पहले दो हफ़्ते

माँ ज़्यादातर आराम करती है। दूध पिलाने के अलावा हर काम कोई और करता है। माँ और बच्चे की रोज़ की मालिश आम तौर पर तीसरे से पाँचवें दिन शुरू होती है, ऑपरेशन (सिज़ेरियन) हुआ हो तो देर से। रात में जितना हो सके, माँ की जगह कोई और जागता है।

तीसरा और चौथा हफ़्ता

खून आना कम होता है, दूध पिलाना जम जाता है, और बच्चे की नींद के बदलाव से रातें टूटती हैं। माँ थोड़ा ज़्यादा चलने फिरने लगती है। गरम, हल्का और आसानी से पचने वाला खाना चलता रहता है।

पाँचवाँ और छठा हफ़्ता

माँ पैरों पर होती है और छोटे बाहर के काम शुरू होते हैं। घर में मदद करने वाली के जाने या रोज़ के कामकाज में लौटने की तैयारी होती है। कई घरों में इसका अंत नहान, नामकरण या मंदिर जाने से होता है।

घर क्या संभाले, और डॉक्टर क्या

सवा महीना कभी डॉक्टर की जगह नहीं था। आज इसे ठीक से चलाने का सबसे आसान तरीका है कि दो सूचियाँ अलग रखें।

घर या जापा मेड संभालेडॉक्टर या नर्स संभाले
आराम, खाना और माँ का खास खानाटाँके, ऑपरेशन का घाव और पट्टी
माँ और बच्चे की रोज़ की मालिशबहुत ज़्यादा या बदबूदार खून आना
बच्चे को नहलाना, कपड़े बदलना, सुलानाबुखार, ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, सूजन
दूध पिलाने की पोज़िशन और डकार दिलाने में मददपीलिया, दूध न पी पाना, वज़न घटना
पूरी रात या बारी बारी से रात की देखभालकोई भी दवा, इंजेक्शन या इलाज का फ़ैसला
मेहमान और शोर कम रखनादो हफ़्ते बाद भी मन उदास रहना

अस्पताल की छुट्टी के कागज़ में नर्स वाले काम लिखे हों, तो उनके लिए नर्स रखिए। जापा मेड कितनी भी अनुभवी हो, उसकी डॉक्टरी ट्रेनिंग नहीं होती।

जब घर से कोई न आ सके

जापा मेड रखिए: एक अनुभवी औरत, 40 दिन के लिए, जो वही करे जो पहले घर की बड़ी औरत करती थी। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, गुड़गाँव जैसे शहरों में बहुत से परिवारों के माता पिता दूसरे राज्य में रहते हैं, उम्र ज़्यादा है, या नौकरी से छह हफ़्ते की छुट्टी नहीं मिलती।

ज़रूरी बातें, क्रम से:

  1. सातवें महीने में ढूँढना शुरू कीजिए। अच्छी जापा मेड महीनों पहले बुक हो जाती है।
  2. तय कीजिए कि दिन वाली चाहिए या साथ रहने वाली। साथ रहने वाली रात संभालती है, और असली मदद रात की ही होती है।
  3. उसके आने से पहले तय कीजिए: 40, 60 या 90 दिन, और बढ़ाने पर पैसे कैसे लगेंगे।
  4. काम, घंटे, खाना, साप्ताहिक छुट्टी और पगार लिखकर तय कीजिए।
  5. डॉक्टरी काम डॉक्टर के पास रखिए, रोज़ के काम उसके पास।

जापा मेड क्या करती है और कितना खर्च होता है, यह What is a japa maid? में है। Sevetu पर जापा मेड ढूँढने, आवेदन देखने और रखने का कोई शुल्क नहीं है, और न किसी तरफ़ से कोई कमीशन। जापा मेड ढूँढें →

लोग क्या पूछते हैं

हिसाब से सवा महीना 37 या 38 दिन का होता है, यानी 30 दिन और उसका चौथाई, साढ़े सात दिन। लेकिन डिलीवरी के बाद का सवा महीना घरों में 40 दिन का गिना जाता है।

ताकि माँ का शरीर ठीक हो सके, बच्चे का दूध पीना जम जाए, और घर नए बच्चे के साथ ढल जाए। डॉक्टरी हिसाब से भी डिलीवरी के बाद का समय 42 दिन का माना जाता है।

The forty days after childbirth, या postpartum confinement period। शब्दों में इसका मतलब है "a month and a quarter"।

पहले हफ़्तों में बाहर जाना कम रखा जाता था, ताकि नवजात बच्चे को इन्फ़ेक्शन से बचाया जा सके और माँ आराम कर सके। डॉक्टर के पास जाना और छोटे बाहर के काम आम बात है। पूरी तरह घर में रहना परिवार की अपनी पसंद है, कोई नियम नहीं।

जापा मेड: एक अनुभवी औरत जो 40 दिन के लिए, दिन में या साथ रहकर, बच्चे की देखभाल, माँ की मालिश और खाना, और रात संभालती है। नर्स वाले काम के लिए नर्स ही चाहिए।

स्रोत

  1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), Maternal mortality फ़ैक्ट शीट: डिलीवरी के बाद का समय गर्भावस्था खत्म होने के बाद के 42 दिन गिना जाता है। who.int
  2. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), WHO recommendations on maternal and newborn care for a positive postnatal experience, 2022। who.int
  3. Raven J. H., Chen Q., Tolhurst R. J., Garner P., "Traditional beliefs and practices in the postpartum period in Fujian Province, China: a qualitative study", BMC Pregnancy and Childbirth 7:8, 2007। doi.org/10.1186/1471-2393-7-8
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Sevetu टीम ने लिखाSevetu भारत में घर के काम के लिए एक हायरिंग मार्केटप्लेस है, जिसे Fiel Private Limited चलाती है। ये गाइड उन सवालों से बनी हैं जो परिवार और कामगार हमसे पूछते हैं। यहाँ कुछ भी प्रायोजित नहीं है, और जहाँ किसी आँकड़े का भरोसेमंद स्रोत नहीं है, हम वही कहते हैं, आँकड़ा गढ़ते नहीं। Sevetu के बारे में

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